सक्ती। जिले के वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर में हुए धमाके से अब तक 17 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि बड़े पैमाने पर श्रमिक घायल है। इन घायलों को रायगढ़ के अलावा बिलासपुर और रायपुर के अस्पतालों में दाखिल कराया गया हैं, जहाँ उनका उपचार जारी हैं। वही बात लाशों की शिनाख्त की करें तो उनकी पहचान करने में प्रशासन काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा हैं। ब्लास्ट की आग से ज्यादातर शव बुरी तरह झुलस गए है। यही वजह है कि 17 लाशों में से अब तक सिर्फ 11 की ही शिनाख्त की जा सकी हैं, जबकि 6 अन्य की पहचान नहीं हो पा रही है।जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपने ने बताया है कि, जान गंवाने वाले श्रमिकों में छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल के मजदूर भी शामिल है। प्रशासन अब मृत मजदूरों के परिजनों तक पहुँचने का प्रयास कर रही है। राहत और बचाव अभियान के बीच प्रदेश के मुखिया विष्णु देव साय ने जिले के कलेक्टर अमृत विकास तोपने से फोन पर हालात की जानकारी ली और उन्हें जरूरी निर्देश भी दिए। सीएम साय ने जिला कलेक्टर को घायलों के बेहतर से बेहतर उपचार कराने और मृतकों के पोस्टमार्टम, परिजनों को शव सौंपने की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने कहा है।
Tuesday, October 20
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