रामगढ़िया सेवक सभा ने मनाया महाराजा जस्सा सिंह रामगढिया का जन्मदिन

रायपुर, / सन् 1783 में अत्याचारी मुगल शासक से युध्द जीत कर लाल किले पर खालसा पंथ का ध्वज फहराने वाले सिक्खों के एक महान योध्दा महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया का कल टाटीबंध गुरुव्दारा में जन्मदिन मनाया गया। रामगढ़िया सेवक सभा के अध्यक्ष बलदेव सिंह भुई, वरिष्ठ उपाध्यक्ष हरपाल सिंह भामरा और सचिव ओंकार सिंह मुद्दड़ व्दारा कार्यक्रम में रायपुर में जनहित और समाज की सेवा कर रही 10 सिक्खों की संस्था को सम्मान भी किया गया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ अल्प संख्यक आयोग क अध्यक्ष अमरजीत सिंह छाबड़ा भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर टाटीबंध गुरुव्दारा के हेड ग्रंथी सरदार हरदीप सिंह ने महाराजा जस्सा सिंह रामगढ़िया के इतिहास पर जानकारी देते हुए कहा कि वे रामगढ़िया मिसल (सेना) के संस्थापक सेनापति थे। उन्होंने 18वीं शताब्दी में जब मुगल साम्राज्य का पतन हो रहा था और अफगान आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली भारत पर हमला कर रहा था, तब जस्सा सिंह रामगढ़िया ने सिख धर्म और पंजाब की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
महान योद्धा और रणनीतिकार जस्सा सिंह रामगढ़िया ने सिक्खों के अन्य जत्थों के साथ मिलकर अत्याचारी मुगलों और अफगानों शासकों के खिलाफ कई सफल अभियान चलाए। 1748 में जब अफगान आक्रमणकारी अहमद शाह अब्दाली भारत को लूटने की कोशिश में अमृतसर के पवित्र हरमंदिर साहिब को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा था तब उन्होंने अपनी छोटी सी सेना के साथ अब्दाली की विशाल फौज पर छापामार हमले कर उसकी रसद (सप्लाई) को रोक दिया और उसके चंगुल से भारतीय महिलाओं और कैदियों को छुड़ाया।

रामगढिया बुंगा में तख्ते ताऊस मुगल शासकों की हार और बेइज्जती की दास्तान
जस्सा सिंह रामगढ़िया ने सरदार जस्सा सिंह आहलूवालिया और सरदार बघेल सिंह के साथ मिलकर अत्याचारी मुगल शासक शाह आलम द्वितीय से युध्द कर “दिल्ली के लाल किले” पर खालसाई ध्वज फहराया कर उस पर अपना कब्ज किया। उन्होंने दिल्ली का तख्ते ताऊस जिस पर बैठ कर मुगल शासक राज करते थे और फरमान जारी करते थे उसे उखाड़ कर दिल्ली से 450 किलोमीटर दूर स्वर्ण मंदिर अमृतसर ले जाकर सिक्ख गुरु के चरणों में समर्पित कर दिया । मुगलों शासकों के अहंकार नेस्तानूबद करने वाला यह तख्ते ताऊस आज भी स्वर्ण मंदिर परिसर में रामगढिया बुंगा में रखा गया है।
सर्वसमाज की सेवा करने वाले 10 सिक्ख संस्थाओं का सम्मान
रामगढिया सेवक सभा में महाराजा जस्सा सिंह रामगढिया के जन्म दिवस मनाते हुए रायपुर के दल सिक्ख समितियों को उनके सर्वसमाज व लोकहित कार्य को रेखांकित करने और सभी को एक मंच पर लाकर उनके कार्यों से संगत को अवगत कराया। इस अवसर पर रामगढ़िया सेवक सभा सभा के अध्यक्ष बलदेव सिंह ने बताया कि इन संस्थाओं ने समाज की सेवा के साथ ही रायपुर में सर्वसमाज के लिए निःशुल्क मेडिकल कैम्प, दवाईयों का लंगर, मेकाहारा में शीतल जल व गर्म पानी की व्यवस्था, फिजियोथैरेपी चिकित्सा,रक्तदान, शालाओं के गरीब बच्चों को पाठ्य् पुस्तकें, मरीजों के लिए बैसाखी, व्हील चेयर, बेड, परिवार परामर्श केन्द्र, महावीर नगर गुरुव्दारा परिसर में निःशुल्क कानूनी सलाह, शासकीय स्कूल पुरैना को गोद लेकर वहां के विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटर व प्रोजेक्टर उपलब्ध कराया गया। साइबर क्राईम के संबंध में जागरुकता अभियान, कोविड -19 में लंगर की व्यवस्था के साथ ही पुरानी पगड़ियों से हजारों की संख्या में मास्क बना कर वितरित किए गए। इसके अलावा भाटापारा से रायपुर के मध्य एंबुलेंस सुविधा, शव लाने ले जाने हेतु वाहन सुविधा,जैसी सेवाएं जिन संगठनों को सम्मानित किया गया उसमें छत्तीसगढ़ सिक्ख संगठन,जलविहार कॉलोनी, दशमेश सेवा सोसायटी – देवेन्द्नगर, छत्तीसगढ़ सिक्ख ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसियेशन – महावीर नगर, गुरु आसरा सेवा समिति – टाटीबंध, बाबा तेरा तेरा सेवा दल – स्टेशन रोड, शहीद तारू सिंह फाऊंडेशन – गुरुनानक नगर, छत्तीसगढ़ सिक्ख समाज – तेलीबांधा, समाज सेवा समिति – टाटीबंध, रामगढिया सेवक सभा – टाटीबंध, छत्तीसगढ़ सिक्ख कौंसिल – गुरुनानक नगर,किरण फाऊंडेशन – भाटापारा- रायपुर शामिल है।

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