स्पोर्ट्स डेस्क : IPL 2026 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच मुकाबले के दौरान विराट कोहली और ट्रैविस हेड के बीच हुई तीखी बहस चर्चा का विषय बनी हुई है। अब इस पूरे मामले पर पूर्व भारतीय ऑलराउंडर इरफान पठान ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। इरफान पठान ने कहा कि विराट कोहली हमेशा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों की तरह आक्रामक और प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं और ऐसे हाई-वोल्टेज मुकाबलों में इस तरह की नोकझोंक सामान्य बात है।
‘कोहली को पसंद है आक्रामक क्रिकेट’
जियोस्टार पर बातचीत के दौरान इरफान पठान ने कहा, ‘विराट कोहली हमेशा ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ियों जैसी आक्रामकता के साथ क्रिकेट खेलना पसंद करते हैं। मैदान पर थोड़ी नोकझोंक, प्रतिस्पर्धा और इमोशन उनके खेल का हिस्सा है।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उस समय विराट, ट्रैविस हेड से कह रहे थे कि इम्पैक्ट सब्स्टीट्यूट बनकर बाहर बैठने की बजाय आकर गेंदबाजी करो। ऐसे हाई-प्रेशर मुकाबलों में इस तरह की बातें बिल्कुल सामान्य हैं।’
मैच के दौरान बढ़ा था तनाव
दरअसल, मुकाबले के दौरान विराट कोहली ने ट्रैविस हेड को इशारों में गेंदबाजी करने की चुनौती दी थी। कोहली ने हेड के बार-बार इम्पैक्ट प्लेयर के तौर पर इस्तेमाल होने पर भी तंज कसा। हालांकि, कोहली 11 गेंदों में 15 रन बनाकर आउट हो गए, जिसके बाद ट्रैविस हेड ने भी जवाबी स्लेजिंग की। मैच खत्म होने के बाद भी दोनों खिलाड़ियों के बीच तनाव नजर आया। हैंडशेक के दौरान हेड ने कोहली से हाथ मिलाने की कोशिश की, लेकिन कोहली आगे बढ़ गए।
वेंकटेश अय्यर को लेकर सहवाग का बड़ा सुझाव
पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने RCB की प्लेइंग इलेवन को लेकर बड़ा सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि वेंकटेश अय्यर को ओपनिंग में ही बरकरार रखना चाहिए। सहवाग ने कहा, ‘वेंकटेश अय्यर टॉप ऑर्डर में बल्लेबाजी करते हुए सबसे ज्यादा प्रभावी नजर आते हैं। उन्होंने पंजाब के खिलाफ नंबर-4 पर 73 रन बनाए और SRH के खिलाफ ओपनिंग करते हुए 44 रन की तेज पारी खेली।’
फिल सॉल्ट को वापस लाने की मांग
फिल सॉल्ट चोट से उबरकर टीम में वापसी कर चुके हैं। ऐसे में सहवाग ने सुझाव दिया कि फिल सॉल्ट को जितेश शर्मा की जगह प्लेइंग इलेवन में शामिल करना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘मैं वेंकटेश को ओपनिंग से नहीं हटाऊंगा। अगर फिल सॉल्ट फिट हैं तो जितेश शर्मा की जगह उन्हें मौका मिलना चाहिए, क्योंकि जितेश इस समय अच्छी फॉर्म में नहीं हैं।’

