US Iran War Update: शनिवार 11 अप्रैल को पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को लेकर शांति वार्ता बुलाई गई थी। लेकिन 21 घंटे तक चली शांति वार्ता बिना किसी नतीजे पर पहुंचे खत्म हो गई। इससे अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम की संभावनाएं भी धुंधली हो गईं। वहीं इस शांति वार्ता के फेल होने से पाकिस्तान की भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारी बेइज्जती हो रही है। तो वहीं दूसरी ओर ईरान ने होर्मुज खोलने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसके बंदरगाहों को निशाना बनाया गया, तो फारस की खाड़ी और ओमान सागर में कोई भी पोर्ट सुरक्षित नहीं रहेगा
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की है कि अमेरिका सोमवार से ईरान के बंदरगाहों और तटीय इलाकों पर नाकाबंदी (ब्लॉकेड) लागू करने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत ईरान के बंदरगाहों में आने-जाने वाले सभी देशों के जहाजों पर नजर रखी जाएगी और उन्हें रोका जा सकता है। शांति वार्ता के असफल होने से डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को साफ चेतावनी दी है कि अगर उसने ईरान की सैन्य मदद की, तो अमेरिका उस पर 50% तक भारी टैरिफ लगा देगा।
बता दें कि, मिडिल ईस्ट का बड़ा हिस्सा तेल दुनिया के अलग-अलग देशों तक पहुंचता है। ईरान का दावा है कि, होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके कंट्रोल में है और वहां से गुजरने वाले जहाजों को रियाल में टोल देना जरूरी होगा। अगर होर्मुज में पूरी तरह नाकेबंदी होती है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा और तेल की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। इसी वजह से अमेरिकी नौसेना ने ईरानी टैंकरों को पूरी तरह रोकने से बचा हुआ था, ताकि बाजार में तेल की सप्लाई बनी रहे और कीमतें ज्यादा न बढ़ें।

