Petrol Diesel Price Hike: कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने पेट्रोल एवं डीजल के दाम में बढ़ोतरी को लेकर शुक्रवार को कहा कि गलती मोदी सरकार करेगी और कीमत जनता चुकाएगी। उन्होंने यह दावा भी किया कि तीन रुपये का झटका आ चुका, बाकी वसूली क़िस्तों में की जाएगी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में नेतृत्व का संकट तथा दूरदर्शी सोच का अभाव है। तेल कंपनियों ने शुक्रवार को पेट्रोल एवं डीजल की कीमतों में तीन तीन रुपये की वृद्धि की। अब राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये प्रति लीटर से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है।राहुल गांधी ने एक्स पर पोस्ट किया, “गलती मोदी सरकार की, कीमत जनता चुकाएगी। तीन रुपये का झटका आ चुका, बाकी वसूली क़िस्तों में की जाएगी।” खरगे ने कहा, “जनता को यह समझना होगा कि इस समय अंतरराष्ट्रीय ईंधन संकट के साथ-साथ भारत में आर्थिक संकट की बड़ी वजह मोदी सरकार में नेतृत्व का संकट तथा दूरदर्शी सोच का अभाव है और अक्षमता कूट-कूट कर भरी है।” उन्होंने दावा किया कि यह संकट मोदी सरकार द्वारा पैदा किया गया है, जिसका ख़ामियाज़ा देश की जनता को पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी पर अपनी जेब से भरना पड़ रहा है। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कम थी तो मोदी सरकार ने उपभोक्ताओं को राहत देने के बजाय उन्हें लूटा। सरकारी तेल कंपनियों ने चार वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शुक्रवार को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में संशोधन करते हुए दोनों ईंधनों के दाम में तीन रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की।

रमेश ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “वर्षों तक जब अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें कम थीं या गिर रही थीं, तब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस लगातार यह मांग करती रही कि उसका लाभ भारतीय उपभोक्ताओं तक पहुंचाया जाए और गैस, पेट्रोल तथा डीजल की घरेलू कीमतों में कमी की जाए। लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उपभोक्ताओं को लूटा गया।” उन्होंने कहा कि अब जबकि प्रधानमंत्री के करीबी दोस्तों अमेरिका और इज़राइल द्वारा पश्चिम एशिया में छेड़े गए युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतें बढ़ रही हैं और विधानसभा चुनाव भी समाप्त हो चुके हैं, तो मोदी सरकार ने पहले वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतें बढ़ाईं और अब पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी कर दी है। उन्होंने दावा किया कि इससे महंगाई और बढ़ना तय है, जो अब इस वित्त वर्ष में करीब छह प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है। रमेश ने कहा कि विकास दर के अनुमान भी काफी कम हो जाएंगे। 

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