नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अमेरिकी व्यापार अधिनियम की धारा-301 जांच तथा अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर यहां हाे रही एक उच्च-स्तरीय बैठक में वाणिज्य मंत्रालय संभावित अतिरिक्त शुल्कों काे टालने और प्रतिस्पर्धी देशों के मुकाबले विशेष बाजार पहुंच हासिल करने का प्रयास कर रहा है।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने बुधवार को जारी एक बयान में बताया कि भारत, बंधुआ मजदूरी से जुड़े मुद्दों पर चल रही धारा 301 की कार्यवाही को लेकर अमेरिका के साथ वार्ता में लगा हुआ है, जबकि दोनों देश एक प्रस्तावित द्विपक्षीय अंतरिम व्यापार समझौते पर भी चर्चा को जारी रखे हुए हैं।
मंत्रालय का यह बयान तब आया है जब यूनाइटेड स्टेट्स ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (यूएसटीआर) के ऑफिस ने 54 अर्थव्यवस्थाओं, जिनमें भारत शामिल है, उनसे होने वाले आयात पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव दिया है। यह प्रस्ताव उन जांचों के तहत आया है, जिनमें यह देखा जा रहा है कि क्या इन देशों ने बंधुआ मजदूरी से बने सामानों पर रोक लगाई है और उसे प्रभावी ढंग से लागू किया है।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) के कार्यालय ने 11-12 मार्च, 2026 को बंधुआ मजदूरी और अतिरिक्त औद्योगिक क्षमता से जुड़े मुद्दों पर करीब 60 देशों के खिलाफ धारा-301 के तहत जांच शुरू की थी। यूएसटीआर ने 2 जून को बंधुआ मजदूरी से जुड़ी जांच के निष्कर्ष जारी करते हुए 60 देशों से आयात पर अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव रखा है।
मंत्रालय के मुताबिक इस प्रस्ताव में कनाडा, इक्वाडोर, यूरोपीय संघ, इंडोनेशिया, मैक्सिको और पाकिस्तान से आयात पर 10 फीसदी का शुल्क, जबकि भारत तथा चीन सहित 54 अन्य अर्थव्यवस्थाओं पर 12.5 फीसदी शुल्क लगाने की बात शामिल है। पाकिस्तान और इंडोनेशिया व्यापार के क्षेत्र में भारत के प्रतिस्पर्धी हैं। ये उपाय अभी प्रस्ताव के चरण में है और इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘भारत धारा-301 कार्यवाही के मामले में अमेरिका के साथ संपर्क में है। इसके साथ ही भारत दो फरवरी 2026 को घोषित समझौते के ढांचे और सात फरवरी 2026 को जारी संयुक्त बयान के अनुरूप अमेरिका के साथ समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भी बातचीत कर रहा है।’’ इसमें कहा गया कि धारा-232 (क्षेत्रीय) शुल्क के तहत आने वाले उत्पादों और कुछ अन्य वस्तुओं को इन प्रस्तावित शुल्कों से बाहर रखा गया है। कपड़ा एवं परिधान उत्पादों के लिए एक विशेष प्रणाली प्रस्तावित की गई है, जिसके तहत चयनित देशों से एक निश्चित मात्रा में आयात को अमेरिका में कम शुल्क दरों पर प्रवेश की अनुमति मिल सकती है।
वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘‘रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित शुल्क अभी अंतिम नहीं हैं और हितधारक 22 जून 2026 तक सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए आवेदन कर सकते हैं। लिखित टिप्पणियां 6 जुलाई 2026 तक प्रस्तुत की जा सकती हैं।’’ सार्वजनिक सुनवाई सात जुलाई 2026 को होगी। यूएसटीआर प्रस्तावित उपायों पर अंतिम निर्णय लेने से पहले प्राप्त टिप्पणियों और दलीलों पर विचार करेगा।

