GPF Interest Rate: दिवाली और फेस्टिव सीजन के बीच सरकारी कर्मचारियों के लिए जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की ब्याज दरों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। वित्त मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर 2026 के लिए GPF की ब्याज दर 7.1 प्रतिशत सालाना पर बरकरार रखी है। यह दर 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर 2026 तक लागू रहेगी। इस बार ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
किन सरकारी फंड्स पर लागू होगी ब्याज दर?
GPF की ब्याज दरों की समीक्षा सरकार हर तिमाही करती है। जारी आदेश के अनुसार, 7.1 प्रतिशत की सालाना दर जनरल प्रोविडेंट फंड के अलावा कई अन्य सरकारी भविष्य निधियों पर भी लागू होगी। इनमें सेंट्रल सर्विसेज, डिफेंस सर्विसेज और ऑल इंडिया सर्विसेज प्रोविडेंट फंड के साथ स्टेट रेलवे प्रोविडेंट फंड, कंट्रीब्यूटरी प्रोविडेंट फंड, ऑर्डनेंस फैक्ट्रीज प्रोविडेंट फंड, नेवल डॉकयार्ड प्रोविडेंट फंड और आर्म्ड फोर्सेज पर्सनल प्रोविडेंट फंड शामिल हैं।
किन कर्मचारियों को मिलता है GPF का लाभ?
जनरल प्रोविडेंट फंड की सुविधा पात्र सरकारी कर्मचारियों को मिलती है, जिनमें पुरानी पेंशन योजना (OPS) के तहत आने वाले कर्मचारी शामिल हैं। इसके अंतर्गत कर्मचारी अपनी सैलरी का एक हिस्सा GPF खाते में जमा करते हैं। जमा राशि पर निर्धारित दर से ब्याज मिलता है और नौकरी के दौरान यह रकम बढ़ती रहती है। सेवानिवृत्ति के समय खाते में जमा राशि और उस पर अर्जित ब्याज का भुगतान नियमानुसार किया जाता है।
नई पेंशन व्यवस्था यानी नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत आने वाले कर्मचारियों को सामान्यतः GPF की सुविधा नहीं मिलती।
PPF पर भी 7.1 प्रतिशत ब्याज
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) में निवेश करने वालों के लिए भी ब्याज दर 7.1 प्रतिशत सालाना पर बरकरार रखी गई है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 की तिमाही में इस दर पर ब्याज मिलेगा। इस तरह GPF और PPF, दोनों की ब्याज दरों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए GPF की दर उनकी जमा बचत पर मिलने वाले ब्याज को प्रभावित करती है, जबकि PPF की दर इस योजना में निवेश करने वाले खाताधारकों के लिए महत्वपूर्ण है।


