सोने की कीमतों में भी मजबूत उछाल देखने को मिला। घरेलू बाजार में सोना लगभग 2.4 प्रतिशत की तेजी के साथ 3,600 रुपये महंगा होकर 1,53,944 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर पहुंच गया। सोने में आई इस बढ़त से यह साफ है कि निवेशकों का रुझान फिर से कीमती धातुओं की ओर बढ़ रहा है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी मजबूती

वैश्विक बाजार में भी सोने की कीमतों में तेजी बनी हुई है। स्पॉट गोल्ड करीब 2.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ 4,811 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी करीब 3.3 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई और यह 4,840 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर बंद हुआ। इससे संकेत मिलता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सोने की मांग बढ़ी है।

एकाएक बढ़ी तेजी के प्रमुख कारण

1. अमेरिका-ईरान सीजफायर का असर

अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर की खबर से वैश्विक तनाव में कमी आई है। इससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा है और बाजार में सकारात्मक माहौल बना है, जिसका असर सोने-चांदी की कीमतों पर भी पड़ा है।

2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट

क्रूड ऑयल की कीमतों में 15 से 20 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। तेल सस्ता होने से बाजार में जोखिम लेने की क्षमता बढ़ी है और निवेशकों ने निचले स्तर पर सोने-चांदी में खरीदारी बढ़ा दी है।

3. महंगाई कम होने की उम्मीद

तेल की कीमतों में गिरावट से महंगाई कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इससे निवेशकों का विश्वास मजबूत हुआ है और वे सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर आकर्षित हो रहे हैं।

4. RBI की रेपो रेट पर स्थिरता

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रेपो रेट को 5.25 प्रतिशत पर स्थिर बनाए रखा है। इस फैसले से बाजार में स्थिरता आई है, जिससे सोने-चांदी की कीमतों को सपोर्ट मिला है।

निवेशकों के लिए क्या संकेत?

सोने और चांदी की कीमतों में आई यह तेजी बताती है कि बाजार में निवेशकों का भरोसा लौट रहा है। वैश्विक घटनाओं, तेल की कीमतों और केंद्रीय बैंक के फैसलों का इन धातुओं पर सीधा असर पड़ता है। ऐसे में निवेश से पहले बाजार की स्थिति और ट्रेंड को समझना बेहद जरूरी है।