महासमुंद: छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में तीन हत्याएं हुई। तीनों हत्याकांड ने दिल दहला दिया। पुलिस ने तीनों हत्याकांड के आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पहले मामला तो और भी भयावह है। खून ही खून का प्यासा हाे गया और हत्याकांड जैसे विभत्स घटना को अंजाम तक पहुंचा दिया। पिता ने छोटे बेटे के साथ मिलकर बड़े बेटा को मौत के घाट उतार दिया। बड़ा बेटा शराबी था और मारपीट करता था। हत्या के बाद लाख को बोरी में भरकर कुएं में फेंक दिया था।
दूसरा हत्याकांड भी कमोबेश शराब से ही जुड़ा हुआ है। शराब के नशे में दोस्त को गाली देने पर तीन साथियों ने मिलकर शराबी युवक की हत्या कर दी थी। युवक के सिर पर पत्थर से वार कर उसे मौत की नींद सुला दिया था। एक घटना एक दिन पहले की है, जब बच्चे की कस्टडी को लेकर विवाद हुआ और चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना 9 अप्रैल 2026 को सामने आई, जब यशवंत चंद्राकर के मुर्गी फार्म के पास जंगल से लगे लिफ्ट एरिगेशन के कुएं में एक युवक का शव बोरी में बंद मिला। शव को पानी में डूबा रखने के लिए उसके साथ पत्थर बांधा गया था।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस की जांच में शव की पहचान सत्यानारायण ध्रुव (27) के रूप में हुई, जो बीते एक महीने से लापता था। पुलिस ने जब परिवार से सख्ती से पूछताछ की, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।
सत्यानारायण शराब का आदी था और अक्सर नशे की हालत में घर वालों के साथ मारपीट करता था। 6 मार्च की रात भी वह अपनी मां से झगड़ा कर रहा था। छोटे भाई का गुस्सा आ गया, उसने घर में रखा पत्थर का सीलबट्टा उठाकर सत्यानारायण के सिर पर कई बार वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
कुछ देर बाद पिता महेश ध्रुव घर पहुंचे। बेटे की मौत देखकर उन्होंने पुलिस को खबर देने की बजाय मामला छिपाने का फैसला किया। फिर पिता और छोटे बेटे ने मिलकर शव को एक बोरी में भरा। दोनों ने शव को बाइक पर रखा और एक सुनसान जगह ले जाकर कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को शक न हो। पुलिस ने आरोपी पिता महेश ध्रुव को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। नाबालिग बेटे को बाल न्यायालय में पेश किया गया है।
गाली गलौच का बदला लेने,उतार दिया मौत के घाट
6 अप्रैल को खट्टी जंगल में एक अज्ञात युवक का शव लहूलुहान हालत में मिला था। जांच के दौरान मृतक की पहचान खैरा निवासी प्रकाश पटेल (23) के रूप में हुई। शव के चेहरे, गर्दन और सीने पर गंभीर चोट के निशान थे, और गले में एक पीला गमछा बंधा हुआ पाया गया था। पुलिस ने चन्द्रहास नेताम उर्फ काजू, गोपाल प्रधान और जालंधर सोनवानी को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में तीनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। मृतक और आरोपी आपस में दोस्त थे और अक्सर साथ बैठकर शराब पीते थे। एक महीने पहले शराब के नशे में मृतक ने आरोपियों को गाली दी थी, जिससे उनके बीच विवाद हो गया था। इसी बात का बदला लेने के लिए आरोपियों ने प्रकाश पटेल की हत्या की साजिश रची।
5 अप्रैल की रात आरोपी चन्द्रहास नेताम उर्फ काजू (21), गोपाल प्रधान (20) और जालंधर सोनवानी (21) ने प्रकाश पटेल को गायत्री मंदिर के पास से बहला-फुसलाकर अपनी बाइक पर बैठाया और खट्टी जंगल ले गए। वहां उन्होंने कांच की बोतल और पत्थरों से उस पर जानलेवा हमला कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए और गरियाबंद क्षेत्र में छिप गए थे। पुलिस ने लगातार दबिश के बाद तीनों आरोपियों को पकड़ लिया। तीनों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
बच्चे की कस्टडी को लेकर हत्या
सरायपाली थाना क्षेत्र के झिलमिला वार्ड क्रमांक 8 की है। शनिवार 11 अप्रैल को पारिवारिक विवाद में अनवर खान (53) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। हमले में बेटाअजहर खान (21) और बेटी शहनाज (27) घायल हो गए। मृतक अनवर खान के बड़े बेटे अरशद खान ने करीब-3 साल पहले एक युवती से लव मैरिज की थी। दोनों से 2 बच्चे हुए। बड़ा बेटा 5 साल का और दूसरा करीब एक साल का है। महिला शादीशुदा होते हुए करीब 8 महीने पहले ताजुद्दीन के साथ भाग गई थी।
11 अप्रैल की दोपहर 2 बजे महिला अपने दूसरे पति ताजुद्दीन और उसके दोस्त राकेश साहू के साथ झिलमिला अपने पहले पति के घर पहुंची। वह अपने बड़े बेटे को साथ ले जाने के लिए अड़ गई। मृतक अनवर खान ने कोर्ट के माध्यम से बच्चा देने की बात कही। इस बीच अचानक विवाद इतना बड़ गया कि ताजुद्दीन का दोस्त राकेश साहू ने अनवर खान पर चाकू से हमला कर दिया।
बीच-बचाव करने आए अजहर और शहनाज पर भी चाकू से बार कर दिया। इस हमले में घायल अनवर खान को अस्पताल ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया। अजहर और शहनाज बुरी तरह जख्मी हो गए। पुलिस ने मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है। सरायपाली पुलिस ने बताया कि पूरे मामले की जांच जारी है।

