रायपुर,
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर जेसीआई रायपुर संस्कार (ज़ोन-27) एवं योग भारती संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में भव्य योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं योग साधकों ने सहभागिता कर योगाभ्यास किया तथा स्वस्थ जीवन के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
कार्यक्रम में विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान सत्रों का आयोजन किया गया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग प्रदर्शन एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया। कार्यक्रम के दौरान योग एवं स्वास्थ्य जागरूकता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तित्वों का सम्मान भी किया गया।
इस अवसर पर जेसीआई रायपुर संस्कार की अध्यक्ष जेसी बरखा अंडानी एवं सचिव जेसी अंकित दास मानिकपुरी द्वारा योग भारती संस्थान के संस्थापक एवं योग गुरु श्री शंभू गुप्ता का स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। इस दौरान उनके द्वारा वर्षों से योग के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने एवं लोगों को निरोग जीवन की प्रेरणा देने के कार्यों की सराहना की गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अध्यक्षा जेसी बरखा अंडानी ने कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक विकास का सशक्त माध्यम है। योग को जीवनशैली का हिस्सा बनाकर हम एक स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज का निर्माण कर सकते हैं।
अध्याय समन्वयक JFM JCJ Sen Nilesh Shah एवं अध्याय प्रभारी JC HGF CA Sagar Jain ने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन जीने की एक कला है, जो व्यक्ति को संतुलित एवं स्वस्थ बनाती है।
अध्याय के सचिव जेसी अंकित दास मानिकपुरी ने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस भले ही वर्ष में एक बार मनाया जाता है, लेकिन यदि योग को हम अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बना लें तो अनेक रोगों से दूर रह सकते हैं तथा निरोगी काया प्राप्त कर सकते हैं। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन को शांत, बुद्धि को प्रखर एवं व्यक्तित्व को संतुलित बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियमित योगाभ्यास से मन, मस्तिष्क और शरीर का समग्र विकास संभव है तथा एक स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में IPP जेसी आदित्य सिंह टिकरिया, जेसीआई रायपुर संस्कार के समस्त पदाधिकारियों, सदस्यों, योग भारती संस्थान के प्रशिक्षकों एवं स्वयंसेवकों का विशेष योगदान रहा।
अंत में सभी उपस्थितजनों ने “Yoga for One Earth, One Health” की भावना के अनुरूप नियमित योग करने, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने एवं योग के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

