प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पिछले 12 वर्षों में भारत ने अनेक परिवर्तनकारी बदलाव देखे हैं और इन बदलावों के केंद्र में गरीबों तथा वंचित वर्गों का कल्याण रहा है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अंत्योदय के सिद्धांत से प्रेरित होकर काम कर रही है और यह सुनिश्चित करने का निरंतर प्रयास किया गया है कि विकास का लाभ उन लोगों तक पहुंचे, जो लंबे समय तक मुख्यधारा के विकास से वंचित रहे हैं।

अंत्योदय की भावना से संचालित रही विकास यात्रा

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों के दौरान सरकार की विभिन्न योजनाओं का मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाना रहा है। उन्होंने कहा कि जन धन खाते, प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी), स्वच्छ भारत मिशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन और आयुष्मान भारत जैसी पहलों का लक्ष्य लोगों को गरिमा, सुरक्षा और बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

जनकल्याणकारी योजनाओं से बढ़ी सामाजिक सुरक्षा

नरेंद्र मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं ने समाज के कमजोर वर्गों को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इन पहलों के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग सुविधाएं, आवास, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आया है।

तकनीक बनी गरीबों के सशक्तिकरण का माध्यम

पीएम मोदी ने कहा कि प्रौद्योगिकी ने गरीबों के जीवन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सरकारी सहायता सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से गड़बड़ियों में कमी आई है, प्रशासनिक दक्षता बढ़ी है और शासन व्यवस्था के प्रति लोगों का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा देश

प्रधानमंत्री ने कहा कि गरीब कल्याण के लिए शुरू की गई पहलें अब केवल सरकारी योजनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि मानव सशक्तिकरण का व्यापक अभियान बन चुकी हैं। उन्होंने कहा कि यह सामूहिक प्रयास विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में देश को नई ऊर्जा प्रदान कर रहा है।

एक्स पर साझा किए विचार

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्टों की एक श्रृंखला में कहा कि पिछले 12 वर्षों में हुए बदलावों के केंद्र में गरीबों और वंचितों का कल्याण रहा है। उन्होंने दोहराया कि सरकार का लक्ष्य विकास को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है और इसी सोच के साथ विभिन्न योजनाओं को लागू किया गया है।

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