भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक से पहले ही प्री-मानसून गतिविधियां पूरे प्रदेश में जोर पकड़ चुकी हैं। बीते 24 घंटे में 20 से अधिक जिलों में तेज आंधी, गरज-चमक और बारिश दर्ज की गई।
मौसम विभाग ने आज शनिवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में ऐसा ही मौसम बने रहने की संभावना जताई है। राज्य के 52 जिलों में 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बारिश होने का अलर्ट जारी किया गया है।
मौसम विभाग ने गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, देवास, हरदा और बैतूल जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। यहां तेज आंधी, गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और खुले स्थानों से बचने की सलाह दी गई है।
भोपाल-इंदौर समेत कई जिलों में बारिश के आसार
राजधानी भोपाल, इंदौर, रायसेन, राजगढ़, धार, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, उज्जैन, मंदसौर, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, दमोह, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत कई जिलों में आंधी और बारिश की संभावना है। वहीं आलीराजपुर, झाबुआ और रतलाम में मौसम का असर अपेक्षाकृत कम रहने की संभावना है।
तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन से बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश के ऊपर एक साथ तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण प्रदेशभर में प्री-मानसून गतिविधियां तेज हो गई हैं। यही वजह है कि जून की शुरुआत में ही तेज आंधी और बारिश का दौर देखने को मिल रहा है।
तापमान में बड़ी गिरावट, पचमढ़ी से ठंडा रहा श्योपुर
लगातार आंधी और बारिश के कारण प्रदेश के अधिकांश शहरों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया। शुक्रवार को श्योपुर प्रदेश का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह तापमान प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी (34.2 डिग्री) से भी कम रहा। भोपाल में 35.5 डिग्री, इंदौर में 35.1 डिग्री, उज्जैन में 35 डिग्री, ग्वालियर में 37.9 डिग्री और जबलपुर में 37.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। हालांकि खरगोन, खंडवा, नरसिंहपुर, खजुराहो और छिंदवाड़ा में तापमान 40 डिग्री के पार रहा।
20 से 22 जून के बीच प्रदेश में दस्तक दे सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार इस वर्ष मध्य प्रदेश में मानसून सामान्य तिथि से 5 से 7 दिन देरी से पहुंच सकता है। प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तिथि 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस बार इसके 20 से 22 जून के बीच पहुंचने की संभावना है। केरल में मानसून 4 जून को पहुंच चुका है और सामान्यतः वहां पहुंचने के करीब 15 दिन बाद मध्य प्रदेश में मानसून प्रवेश करता है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है, जिससे अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में आंधी, बारिश और तापमान में राहत का दौर जारी रहने की संभावना है।

