रायपुर। शहर में कला, संस्कृति और खरीदारी का अनोखा उत्सव लेकर कॉटन सिल्क फेयर का शुभारंभ हो गया है। यह विशेष हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट प्रदर्शनी 4 जुलाई से 26 जुलाई 2026 तक आयोजित की जा रही है। आयोजन स्थल गुरु तेज बहादुर भवन, घड़ी चौक, कलेक्टर ऑफिस के सामने है। सुबह 11 बजे से रात 11 बजे तक खुला रहने वाला यह मेला पूरी तरह निःशुल्क प्रवेश के साथ आमजन के लिए उपलब्ध है।
मेले में साड़ी, फर्नीचर, ज्वेलरी, होम डेकोर और लाइफस्टाइल उत्पादों की विविधता एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। आयोजकों का कहना है कि यहां आने वाले लोगों को बेहतरीन क्वालिटी के हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट उत्पाद मिलेंगे। यह न केवल पारंपरिक कला को बढ़ावा देगा बल्कि स्थानीय कारीगरों को भी प्रोत्साहन देगा।
मेले के आयोजकों ने बताया कि इस प्रदर्शनी का उद्देश्य स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाना है। उनका कहना है कि “हम चाहते हैं कि रायपुर के कारीगरों की मेहनत और कला देशभर में जानी जाए। इस मेले के माध्यम से उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण उत्पाद उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है।”परिवारों के लिए
यह आयोजन संपूर्ण परिवार के लिए मनोरंजन और खरीदारी का केंद्र है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी के लिए कुछ न कुछ खास मौजूद है। परिवार के साथ खरीदारी और सांस्कृतिक अनुभव का आनंद लेने के लिए यह मेला एक आकर्षक अवसर है।संस्कृति और परंपरा का कॉटन सिल्क फेयर सिर्फ खरीदारी का स्थान नहीं है, बल्कि यह भारतीय परंपराओं और हस्तकला की जीवंत झलक भी प्रस्तुत करता है। यहां प्रदर्शित वस्तुएं भारतीय संस्कृति की समृद्धि को दर्शाती हैं और उपभोक्ताओं को पारंपरिक कला से जुड़ने का अवसर देती हैं। रायपुर में शुरू हुआ यह मेला न केवल उपभोक्ताओं के लिए खरीदारी का अवसर है बल्कि स्थानीय कलाकारों और शिल्पकारों के लिए आर्थिक मजबूती का भी माध्यम है। आने वाले दिनों में यह आयोजन शहरवासियों के लिए सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव का केंद्र बनेगा।

