Tiger Shroff Firing Incident: अभिनेता टाइगर श्रॉफ से जुड़ी फायरिंग की घटना के मामले में पुलिस की जांच तेज हो गई है। मुंबई की जुहू पुलिस ने तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 109(1) और 3(5) के साथ आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। वारदात के बाद आरोपी कथित तौर पर मोटरसाइकिल छोड़कर ट्रेन के जरिए फरार हो गए। CCTV फुटेज में दो संदिग्ध दिखाई दिए हैं, जिनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
बाइक छोड़कर अंधेरी स्टेशन पहुंचे आरोपी
जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने वारदात के लिए पल्सर मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया था। यह बाइक अब तक तीन अलग-अलग लोगों के पास रह चुकी है। इसका पहला मालिक जोगेश्वरी का रहने वाला बताया जा रहा है। आरोपियों ने बाइक उसके तीसरे मालिक से खरीदी थी।
पुलिस ने अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन के पास से मोटरसाइकिल बरामद की है। फिलहाल इसे डीएन नगर पुलिस स्टेशन में रखा गया है। जांचकर्ता बाइक की नंबर प्लेट और चेसिस नंबर के आधार पर उसके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रहे हैं।
पुलिस ने बाइक के तीसरे मालिक से भी पूछताछ की है। बताया जा रहा है कि बाइक की बिक्री के बदले उसे पैसे मिल गए थे, लेकिन मालिकाना हक से जुड़े दस्तावेजों का हस्तांतरण नहीं हुआ था। यह प्रक्रिया नवरात्रि के बाद पूरी होनी थी।
क्राइम ब्रांच को सौंपी गई जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है। शुरुआती FIR जुहू पुलिस स्टेशन में दर्ज हुई थी। अब क्राइम ब्रांच हमलावरों की पहचान करने और घटना के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटेगी।
जांच एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं कि क्या आरोपियों का लॉरेंस बिश्नोई गैंग से कोई संबंध है। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आरोपियों की तलाश में मुंबई से बाहर जाने वाली बसों और ट्रेनों की भी जांच की जा रही है। पुलिस को संदेह है कि हमलावर वारदात के बाद शहर से बाहर भाग सकते हैं।
फॉरेंसिक जांच में सात राउंड फायरिंग की बात
सूत्रों के मुताबिक, फॉरेंसिक जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने कथित तौर पर देसी पिस्तौल का इस्तेमाल किया था। टाइगर श्रॉफ की BMW कार को निशाना बनाकर कुल सात गोलियां चलाई गईं। इनमें से पांच गोलियां कार पर लगीं, जबकि दो निशाने से चूक गईं।
बताया जा रहा है कि पांचवीं गोली चलाने के बाद एक हमलावर पैसेंजर साइड की खिड़की के पास पहुंचा और उसने बेहद करीब से गोली चलाने की कोशिश की। हालांकि, हथियार में खराबी आने के कारण गोली नहीं चल सकी। सूत्रों के अनुसार, आरोपी ने दोबारा भी प्रयास किया, लेकिन पिस्तौल जाम होने की आशंका जताई गई है।
इसके बाद दोनों हमलावर अपने तीसरे साथी के साथ मोटरसाइकिल से फरार हो गए। पुलिस इन सभी घटनाक्रमों की पुष्टि के लिए CCTV फुटेज और फॉरेंसिक साक्ष्यों की जांच कर रही है।
हमले से पहले इलाके की रेकी करने का शक
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वारदात से पहले संदिग्ध पुष्पा पार्क के पास करीब 45 मिनट तक रुके थे। आशंका है कि उन्होंने हमला करने से पहले इलाके की रेकी की थी।
फायरिंग के बाद आरोपी मोटरसाइकिल से अंधेरी वेस्ट रेलवे स्टेशन पहुंचे और एक पुलिस चौकी के पास बाइक छोड़ दी। इसके बाद वे ट्रेन से फरार हुए। जांच एजेंसियों को उनके सूरत की ओर जाने का संदेह है, लेकिन उनकी वास्तविक लोकेशन की अभी पुष्टि नहीं हुई है।
पुलिस CCTV फुटेज, बाइक के रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
AICWA ने जताई चिंता, फिल्म इंडस्ट्री की सुरक्षा पर उठाए सवाल
इस घटना के बाद ऑल इंडियन सिने वर्कर्स एसोसिएशन (AICWA) ने फायरिंग की निंदा करते हुए फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों की सुरक्षा पर चिंता जताई है।
एसोसिएशन ने सवाल उठाया कि अगर मुंबई में फिल्मी हस्तियां ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भरोसा कैसे कायम रहेगा। अपने बयान में संगठन ने कहा, “आज टाइगर श्रॉफ हैं, अगला कौन होगा?”
AICWA ने सलमान खान के बांद्रा स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी, सैफ अली खान पर हुए हमले, फिल्म निर्माता रोहित शेट्टी के घर के बाहर फायरिंग और कॉमेडियन कपिल शर्मा के कैफे पर हुए हमलों का भी उल्लेख किया।
एसोसिएशन ने महाराष्ट्र सरकार से आरोपियों और कथित तौर पर हमले की साजिश रचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, जबरन वसूली से जुड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करने और फिल्मी हस्तियों तथा उनके परिवारों की सुरक्षा मजबूत करने की अपील की है।
फिलहाल मामले में तीन अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस की जांच का मुख्य फोकस हमलावरों की पहचान, इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल के पुराने रिकॉर्ड और घटना के पीछे संभावित साजिश का पता लगाना है।


