नई दिल्ली : त्योहारों के दौरान बाजारों में मिठाइयों की मांग बढ़ जाती है। घरों में भी तरह-तरह के पकवान बनाने के लिए दूध, पनीर, खोया और घी का इस्तेमाल बढ़ जाता है। मांग बढ़ने के साथ खाद्य पदार्थों में मिलावट की आशंका भी बनी रहती है। ऐसे में देखने में ताजा लगने वाली चीजें भी आपकी सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकती हैं।
अगर आप भी त्योहारों पर दूध, पनीर, खोया और मिठाइयां खरीदने जा रहे हैं, तो उनकी गुणवत्ता को लेकर सतर्क रहना जरूरी है। हालांकि, केवल रंग, गंध या बनावट के आधार पर किसी खाद्य पदार्थ को मिलावटी घोषित नहीं किया जा सकता। कुछ शुरुआती जांच से संदेह का पता लगाया जा सकता है, जबकि मिलावट की पुष्टि के लिए उचित जांच जरूरी होती है।
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1. पनीर खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
त्योहारों पर पनीर से कई तरह की सब्जियां और स्नैक्स बनाए जाते हैं। बाजार से पनीर खरीदते समय उसकी ताजगी के साथ-साथ बनावट और गंध पर भी ध्यान दें। पनीर में असामान्य गंध, चिपचिपापन या रंग में बदलाव होने पर उसे खरीदने से बचें।
पनीर में स्टार्च की मिलावट की जांच के लिए आयोडीन घोल का इस्तेमाल किया जाता है। इसके लिए पनीर के एक छोटे टुकड़े को पानी में उबालकर ठंडा करें और फिर उसमें आयोडीन घोल की कुछ बूंदें डालें। यदि रंग नीला-काला हो जाता है, तो स्टार्च की मौजूदगी का संदेह हो सकता है। ध्यान रखें कि यह जांच सभी प्रकार की मिलावट का पता नहीं लगाती।
2. दूध में मिलावट की पहचान कैसे करें?
दूध का इस्तेमाल लगभग हर घर में होता है। इसमें पानी या अन्य पदार्थों की मिलावट होने की आशंका रहती है। दूध की शुद्धता पर संदेह होने पर केवल उसके पतलेपन या झाग के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।
दूध में ज्यादा झाग बनना अपने आप में डिटर्जेंट की मिलावट का पक्का प्रमाण नहीं है। इसी तरह, दूध का बहने का तरीका भी उसकी शुद्धता की विश्वसनीय जांच नहीं है। दूध की गुणवत्ता की पुष्टि के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग या मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला से जांच कराना बेहतर है।
3. मिठाई और खोया खरीदते समय बरतें सावधानी
त्योहारों में बाजार रंग-बिरंगी मिठाइयों से सज जाते हैं। मिठाई खरीदते समय उसकी रंगत, गंध, बनावट और रखरखाव पर ध्यान दें। असामान्य गंध, फफूंद या खराब दिखने वाली मिठाइयां न खरीदें। संभव हो तो साफ-सुथरी दुकान से ताजा मिठाई लें और पैक की गई मिठाइयों पर निर्माण तिथि, उपयोग की अवधि और अन्य जरूरी जानकारी जांचें।
खोया या मावा खरीदते समय उसकी बनावट और गंध पर ध्यान दिया जा सकता है, लेकिन केवल मुलायम, दानेदार या चिकना होने से उसके शुद्ध होने की पुष्टि नहीं होती। इसी तरह, मिठाई में आयोडीन डालकर स्टार्च की जांच की जा सकती है, लेकिन यह तरीका हर तरह की मिलावट का पता नहीं लगाता।
4. घी खरीदते समय कैसे रहें सतर्क?
त्योहारों पर घी का इस्तेमाल मिठाइयां और दूसरे पकवान बनाने में खूब होता है। घी खरीदते समय उसकी पैकिंग, लेबल, निर्माता का नाम और उपयोग की अवधि जरूर जांचें। खुले घी की गुणवत्ता का अंदाजा केवल उसकी खुशबू या रंग से लगाना सही नहीं है।
पानी में घी डालकर देखने से भी उसकी शुद्धता की पुष्टि नहीं की जा सकती। मिलावटी घी की पहचान के लिए उचित परीक्षण जरूरी हो सकता है। इसलिए विश्वसनीय विक्रेता से घी खरीदें और असामान्य गंध या खराब गुणवत्ता का संदेह होने पर उसका इस्तेमाल न करें।
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मिलावटी खाद्य पदार्थों से बचने के लिए क्या करें?
- दूध, पनीर, खोया और घी विश्वसनीय दुकानदार से खरीदें।
- पैक किए गए उत्पादों पर लेबल, निर्माण तिथि और उपयोग की अवधि जांचें।
- खुले में रखी, अस्वच्छ या असामान्य गंध वाली मिठाइयां खरीदने से बचें।
- घरेलू जांच को मिलावट की अंतिम पुष्टि न मानें।
- मिलावट का संदेह होने पर खाद्य सुरक्षा विभाग में शिकायत करें या संबंधित उत्पाद की प्रयोगशाला से जांच कराएं।
त्योहारों पर स्वाद के साथ सेहत का ध्यान रखना भी जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी बरतकर आप संदिग्ध खाद्य पदार्थों से बच सकते हैं और अपने परिवार के लिए बेहतर विकल्प चुन सकते हैं।


