Karwa Chauth 2026: करवा चौथ का व्रत हर साल कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। साल 2026 में यह व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को मनाया जाएगा। विवाहित महिलाओं के लिए इस पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए निर्जला व्रत रखती हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ पर पति-पत्नी मिलकर कुछ वास्तु उपाय भी कर सकते हैं। माना जाता है कि इन उपायों से रिश्तों में प्रेम, आपसी तालमेल और घर में सकारात्मकता बढ़ती है।
दुनियाभर में बढ़ेगा भारत की टेक्नोलॉजी का दबदबा! PM मोदी ने बताया विकसित भारत का रोडमैप
करवा चौथ पर पति-पत्नी करें ये 4 वास्तु उपाय
1. साथ मिलकर करें पूजा
करवा चौथ के दिन पति-पत्नी को सुबह और शाम एक साथ पूजा करनी चाहिए। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पूजा करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख रखना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से दांपत्य जीवन में आपसी समझ और तालमेल बेहतर होने की मान्यता है।
2. गोमती चक्र और पीली सरसों का उपाय
करवा चौथ की रात पूजा के दौरान एक गोमती चक्र लेकर उस पर पति-पत्नी अपना-अपना नाम लिखें। इसके बाद पीली सरसों के साथ गोमती चक्र को लाल कपड़े में रखकर पोटली बना लें। इस पोटली को दोनों मिलकर अलमारी में रख सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस उपाय को घर में सुख-समृद्धि और आर्थिक खुशहाली से जोड़कर देखा जाता है।
3. ईशान कोण में करें शिव-पार्वती की पूजा
करवा चौथ के दिन घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में भगवान शिव और माता पार्वती की तस्वीर या मूर्ति स्थापित करके पूजा कर सकते हैं। मान्यता है कि शिव-पार्वती की आराधना से दांपत्य जीवन में सुख-शांति और आपसी प्रेम बना रहता है। साथ ही, भक्त संतान सुख और परिवार की खुशहाली की कामना भी करते हैं।
4. बेडरूम में लगाएं राधा-कृष्ण की तस्वीर
वास्तु मान्यताओं के अनुसार, पति-पत्नी अपने बेडरूम की उत्तर या पूर्व दिशा में राधा-कृष्ण की तस्वीर लगा सकते हैं। तस्वीर स्थापित करने से पहले उसकी पूजा करें और धूप-दीप दिखाएं। माना जाता है कि राधा-कृष्ण की तस्वीर प्रेम, समर्पण और रिश्तों में मधुरता का प्रतीक है।
करम परब में CM विष्णु देव साय की बड़ी घोषणा, उरांव समाज को मिलेगा 50 लाख का सामुदायिक भवन
ध्यान दें: ये उपाय धार्मिक और वास्तु मान्यताओं पर आधारित हैं। इनके परिणामों की वैज्ञानिक पुष्टि नहीं है। वैवाहिक जीवन को सुखी बनाए रखने के लिए आपसी विश्वास, सम्मान और बातचीत भी बेहद जरूरी हैं।


