भोपाल : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगामी तीज-त्योहारों और सामाजिक एवं धार्मिक मेलों को देखते हुए प्रदेश के सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि त्योहारों के दौरान कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल पर सख्ती से रोक लगाई जाए। दीपावली पर पटाखों की अवैध बिक्री, भंडारण और प्रतिबंधित पटाखों के कारोबार के खिलाफ भी प्रभावी कार्रवाई की जाए। किसी जिले में अप्रिय घटना या विषम परिस्थिति निर्मित होने पर संबंधित कलेक्टर और एसपी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कलेक्टरों, कमिश्नरों और पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। बैठक में उन्होंने कानून-व्यवस्था की तैयारियों के साथ ही राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं और विकास कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की भी समीक्षा की।
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संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानी
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जिलों में त्योहारों और मेलों के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पहले से तैयारियां पूरी कर ली जाएं। संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के साथ सामाजिक और सांप्रदायिक तनाव की आशंका को देखते हुए आवश्यक प्रतिबंधात्मक एवं सुरक्षा संबंधी कदम उठाए जाएं।
दीपावली के दौरान भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध व्यक्तियों और असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा नियमित पेट्रोलिंग करने के निर्देश भी दिए गए। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।
पटाखा दुकानों का होगा निरीक्षण, अवैध भंडारण पर कार्रवाई
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पटाखों की दुकानों को लाइसेंस जारी करते समय निर्धारित शर्तों का सख्ती से पालन कराया जाए। दुकानों का भौतिक सत्यापन और नियमित निरीक्षण किया जाए, ताकि विस्फोटक सामग्री के अवैध भंडारण पर रोक लगाई जा सके।
उन्होंने प्रतिबंधित पटाखों के क्रय-विक्रय, भंडारण और उपयोग के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि पटाखों के कारोबार पर निगरानी रखते हुए छोटे व्यापारियों को अनावश्यक परेशानी न हो और जन-सुरक्षा से किसी तरह का समझौता न किया जाए।
कार्बाइड गन और लैंप से हादसों का खतरा
मुख्यमंत्री ने कार्बाइड गन और कार्बाइड लैंप के इस्तेमाल से होने वाली दुर्घटनाओं तथा संभावित जनहानि को गंभीरता से लेते हुए इनके उपयोग पर सख्ती से रोक लगाने को कहा।
कार्बाइड गन में कैल्शियम कार्बाइड पानी के संपर्क में आने पर एसीटिलीन गैस उत्पन्न करता है। यह गैस अत्यधिक ज्वलनशील होती है और चिंगारी मिलने पर विस्फोट कर सकती है। विस्फोट के दौरान निकलने वाले प्लास्टिक और धातु के टुकड़े आंखों, चेहरे और त्वचा को गंभीर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा आग लगने और झुलसने का खतरा भी रहता है। इस संबंध में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में एडवाइजरी जारी की थी।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि दीपावली के दौरान संवेदनशील स्थानों पर अग्निशमन वाहन, जरूरी उपकरण और प्रशिक्षित कर्मचारी उपलब्ध रहें। प्रमुख स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था करने के साथ नजदीकी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट रखा जाए। जरूरत के अनुसार चिकित्सकों की ड्यूटी भी पहले से तय की जाए। शहरों और कस्बों के प्रमुख मार्गों पर पर्याप्त रोशनी की व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों पर सख्ती
त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा विभाग को सघन निरीक्षण अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नकली या मिलावटी मावा, घी, पनीर और मिठाइयों की बिक्री किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए।
बैठक में विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि मिलावटखोरी के मामलों में अब तक 17 लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि 42 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण बढ़ाने और मिलावट की आशंका होने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित सामग्री जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। इसके लिए जिलों में विशेष दल गठित कर लगातार निगरानी रखने को कहा गया।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जांच और कार्रवाई के नाम पर व्यापारियों को अनावश्यक रूप से परेशान नहीं किया जाए। अस्वच्छ स्थानों पर खाद्य पदार्थों का निर्माण या बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए।
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सभी विभागों को आपसी समन्वय से काम करने के निर्देश
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को आगामी त्योहारों के मद्देनजर सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था की तैयारियों की व्यक्तिगत रूप से समीक्षा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य और अन्य संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि प्रदेश में त्योहार शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनारहित तरीके से संपन्न हो सकें।


