इनकम टैक्स विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 (असेसमेंट ईयर 2026-27) के लिए आईटीआर फाइलिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग ने शुक्रवार को ITR-1 और ITR-4 फॉर्म की एक्सेल यूटिलिटीज जारी कर दी हैं।
अब करदाता ई-फाइलिंग पोर्टल पर इन फॉर्म्स को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से भर सकते हैं। विभाग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर आधिकारिक पोस्ट में इसकी जानकारी दी है।
मुख्य बातें:
– ITR-1 (सहज): वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक वाले निवासी व्यक्तियों के लिए।
– ITR-4 (सुगम): वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक वाले निवासी व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों (HUF) और LLP को छोड़कर अन्य फर्मों के लिए।
– नॉन-ऑडिट करदाताओं के लिए रिटर्न फाइल करने की आखिरी तारीख 31 जुलाई 2026 है।
– करदाता अब एक्सेल यूटिलिटी के जरिए फॉर्म भरकर JSON फाइल जनरेट कर सकते हैं और उसे ई-फाइलिंग पोर्टल पर अपलोड कर सकते हैं।
फॉर्म में नए बदलाव
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने संशोधित नियमों के साथ ITR फॉर्म जारी किए हैं। इनमें दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ, शेयर बायबैक से होने वाली हानि और कुछ व्यापारिक लेन-देन की अतिरिक्त रिपोर्टिंग शामिल है।
कर संग्रह में वृद्धि
सीबीडीटी के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 में शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह पिछले वर्ष की तुलना में 5.12% बढ़कर 23,40,406 करोड़ रुपये हो गया है।
करदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे केवल इनकम टैक्स विभाग की आधिकारिक वेबसाइट (incometax.gov.in) से ही यूटिलिटीज डाउनलोड करें और अफवाहों से बचें।

