कलिंगा विश्वविद्यालय के केंद्रीय पुस्तकालय एवं पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग द्वारा, अंतर्राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT), नया रायपुर के सहयोग से आयोजित दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन “स्मार्ट ज्ञान भविष्य के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा पुस्तकालयों का रूपांतरण (ICTL–2026)” का सफल समापन 20 जून 2026 को हुआ। इस सम्मेलन में भारत एवं विदेशों से शिक्षाविदों, पुस्तकालयाध्यक्षों, शोधकर्ताओं, सूचना वैज्ञानिकों, उद्योग विशेषज्ञों तथा विद्यार्थियों ने भाग लिया और पुस्तकालयों तथा ज्ञान प्रबंधन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की परिवर्तनकारी भूमिका पर व्यापक विचार-विमर्श किया।सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में डॉ. अख्तर परवेज, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष, जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय एवं निदेशक एवं समन्वयक, ज्ञान भारतम् सेल, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में डॉ. सविता मित्तल, पूर्व उप-पुस्तकालयाध्यक्ष, गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली; डॉ. विक्रम कुमार शर्मा, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष, केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय; प्रो. डॉ. श्रीनिवास के. जी., डीन अकादमिक, IIIT नया रायपुर; डॉ. एस. चंदरप्पा, वरिष्ठ पुस्तकालय विशेषज्ञ, आईआईएम बेंगलुरु; तथा श्री करण सिंह, प्रमुख – सरकारी संबंध एवं हितधारक सहभागिता, नैसकॉम (NASSCOM) शामिल रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता कलिंगा विश्वविद्यालय के नेतृत्वकर्ताओं ने की, जिनमें डॉ. मोनिका सेठी (प्रो-कुलपति), डॉ. संदीप गांधी (कुलसचिव), डॉ. राहुल मिश्रा (डीन, अकादमिक कार्य), डॉ. अंजनेयुलु बेंडी (डीन, विज्ञान संकाय) तथा डॉ. मोहम्मद नासिर (सम्मेलन संयोजक, प्रोफेसर, विश्वविद्यालय पुस्तकालयाध्यक्ष एवं विभागाध्यक्ष, पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान विभाग) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए डॉ. मोहम्मद नासिर ने पुस्तकालय सेवाओं, शोध सहायता प्रणालियों एवं ज्ञान प्रसार में कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बढ़ते महत्व पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में डॉ. संदीप गांधी ने पुस्तकालयों के बुद्धिमान एवं तकनीक-सक्षम ज्ञान केंद्रों के रूप में विकसित होने की आवश्यकता पर बल दिया। नैसकॉम के श्री करण सिंह ने उभरती AI तकनीकों तथा उनके पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान में उपयोगों पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। वहीं प्रो. डॉ. श्रीनिवास के. जी. तथा डॉ. अख्तर परवेज ने नवाचार, सहयोग, डिजिटल रूपांतरण एवं भविष्य उन्मुख पुस्तकालयों के विकास पर विशेष बल दिया। उद्घाटन समारोह के दौरान सम्मेलन कार्यवाही (Conference Proceedings) एवं संपादित पुस्तक के प्रथम खंड (Edited Book Volume-I) का भी विमोचन किया गया।उद्घाटन सत्र में सुश्री मानसी सैनी, सीनियर मैनेजर, टोटल लाइब्रेरी सॉल्यूशंस (TLS) ग्रुप ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। उन्होंने आधुनिक पुस्तकालय सेवाओं में परिवर्तन ला रहे उभरते डिजिटल उपकरणों और नवाचारी समाधानों पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं एवं पुस्तकालय उपयोगकर्ताओं के लिए शैक्षणिक लेखन, शोध संचार तथा सामग्री की गुणवत्ता में सुधार हेतु Grammarly जैसे AI-सक्षम प्लेटफॉर्मों की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित किया। सुश्री सैनी ने पुस्तकालयों के लिए उन्नत डिजिटल संसाधनों, प्रौद्योगिकी एकीकरण, शोध सहायता सेवाओं तथा क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से TLS ग्रुप द्वारा संचालित विभिन्न पहलों की भी जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल युग में सूचना तक बेहतर पहुँच, उपयोगकर्ता सहभागिता और ज्ञान सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए पुस्तकालयों द्वारा नवाचार आधारित तकनीकों और रणनीतिक साझेदारियों को अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

